सभी उमेद्वारो और चुने गए नेताओ कुछ विषयोके बारेमे बात तो सही करते है मगर जरुरतके वक्त निष्फल हो जाते है. दो वक्तकी रोटीके लिए संघर्ष करनेवालोको मै अच्छी तरह समज सकती हूँ ;क्यूंकि मैं भी ऐसी परिस्थितिसे गुजर चुकी हूँ.
मेरे पिता जो भूतपूर्व सैनिक थे उन्होंने जीआई बिल के जरिये कोलेजेशिक्षा पूरी करनेके बाद एक अच्छिसी नौकरी पा ली थी; मगर ५५ सालकी आयुमें उन्होंने ये नौकरी खो दी. हमारे परिवार पर कथिनाइकि बौछार हो गई और सारे परिवारने अपना हाथ बटाया. मेरी माँने सिलाइकाम शुरू कर दिया और मैंने स्कुलके बाद न्यूनतम पगारकी नौकरी कर ली. कड़ी महेनत, फ़ूड स्टेम्प्स और कुछ धर्मादाके जरिये हमारा काम चल गया. ऐसे अनुभवोसे मैंने ये तय किया की व्यवहारिक समाधान खोजने के लिए मै कड़ी महेनत करुँगी.
ये चुनाव की पहली बात ये है की बुनयादी जरूरते, शिक्षण और रोजगारतालिम की अग्रता की रूपरेखा मै जारी करूँ .मैं ये मानती हूँ की हमें २% धनीवर्ग का बुश टेक्सकट निकाल देना चाहिए,भुगतान न देने वाली बड़ी कम्पनियां पे सखताई जतानी चाहिए और बिनजरुरी युद्धके चाहनेवालोके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए. हमें रोजगारके लिए नया माहौल खड़ा करना चाहिए, करनियमोमें सुधार लाना चाहिए और सुनिचित करोंके लिए सबके लिए एक जैसे ही नियम बनाने चाहिए.
इराकमे जब मेरा हेलिकोप्टर मार गिराया गया तब मैं शायद बच ना पाती. मेरा ये मानना है की आने वाला समय मेरा दूसरा जन्म है. इसका ये अर्थ है की मैं अपनी मान्यताओमे डट कर रहू और जो भी सच हो- जैसे की संरक्षण विभागमे निकम्मे खर्च और बिनक्षमताके खिलाफ आवाज उठाना -ये सबके लिए मैं अनोखा अनुमान बताऊ.
ब्लेकहोक पैलोट टेमी डकवर्थ युद्धके अनुभवी है जिनका हेलिकोप्टर इराकमे मार गिराया गया था. इस वजहसे उन्होंने अपने दोनों पावँ गवाँ दिए है और दायें हाथकी कार्यक्षमता भी. इसीलिए उन्हें 'पर्पल हार्ट ' पारितोषिक दिया गया था.२००६मे उनको इलिनोई डिपार्टमेंट ऑफ़ वेटरंस अफैर्स के डिरेक्टर बनाये गए थे. प्रमुख श्री ओबमाने २००९मे उनकी नियुक्ति यूएस डिपार्टमेंट ऑफ़ वेटरन्स एफेइर्सके उपसचिवके रुपमे की जहाँ उन्होंने निवृत्त सैनिकोकी सुविधाएँ सूधारने के लिए और बेघर बननेसे बचाने के लिए बहुतही महेनत की.वे अपने पति आर्मि मेजर ब्रिआनके साथ होफमेन एस्टेट में रहती है.







